उत्तराखंड में कुछ पेड़ो का आकार लम्बाई ओर घने ओर ऊंचाई बहुत है क्यो

 आज मै आपको बताने जारी हूं कि उत्तराखंड जो इंडिया का एक राज्य है उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। इसे इसी ही देव भूमि के नाम से नहीं जाना जाता है । उत्तराखंड में सभी धर्म के लोग निवास करते है हिन्दी मुस्लिम सिख ओर बौद्ध धर्म के लोग सब उत्तराखंड के किसी न किसी जिले में बसे है।

आप सभी ने देखा होगा कि उत्तराखंड में कुछ पेड़ो का आकार ओर लंबाई ओर साथ ही वे पेड़ बहुत घने है इसके पीछे कई कारण है  जो आज मै आपको बताने जारी हूं 









अगर मै बात करू उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल की तो यहां आपको हर 1 किलोमीटर बाद कोई ना कोई मन्दिर देखने को मिलेगा ओर ये पूरे कुमाऊं मंडल में देखने को मिलेगा यहां मन्दिरों में एक मान्यता है कि अगर जिस पेड़ के नीचे मंदिर है उस पेड़ को कभी नहीं काटा जाएगा ओर उस मंदिर के आसपस के किसी भी पेड़ को नहीं काटा जाएगा अगर कोई पेड़ काटने की सजा उसे कोई नहीं देता लेकिन माना जाता है कि उसे सजा उसे मिलती है पर कैसे ये आज तक किसी को नहीं पता है ऐसा उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के बुजुर्गो का मनाना है कुछ हद ये बाते सच है जब हम किसी बुजुर्ग से इसके बारे में बात करते है तो वो भी यही बोलते के पेड़ काटने की सजा मिलती है ओर ये सजा कोई कानून के द्वारा नहीं दी जाती है ।

काफी हद  तक ये बाते सच भी है जब में किसी मंदिर के पेड़ को देखती हूं ओर ये सोचती हूं कि ये पेड़ इतना बड़ा ओर घना कैसे है ?  एक बार मैंने सोचा कि इसके बारे में किसी ऐसे इंसान से पूछूं जिसे इसके बारे में एक बुजुर्ग महिला से पूछा कि ये पेड़ इतना ऊंचा ओर घना क्यो है? 

बुजुर्ग महिला का जवाब उत्तराखंड में बहुत से लोगों के अपने कुलदेवता है ओर कुछ कुलदेवता सभी गांव वालों के है जब लोग एक गांव से दूसरे गांव में जाकर बस जाते है तो वो आपने कुलदेवता को उस गांव में स्थापित करते है ओर उसके नाम पर एक मंदिर बनाते है जब उस मंदिर के आसपास कोई भी पेड़ होते है उसे कोई नहीं काट सकता चाहे कैसे भी स्थिति हो कुछ मंदिर ऐसे भी है जो गांव में सभी लोगो के है जो सार्वजनिक है  ओर किसी एक व्यक्ति की जमीन में है ओर उस मंदिर के चारों ओर कितने भी पेड़ हो उन्हें काटने का उस व्यक्ति का आधिकार नहीं है।

ये एक धार्मिक कारण है लेकिन वर्तमान समय में अगर हम इस बारे में सोचे तो ये पेड़ ना काटने का धार्मिक कारण हमारे वर्तमान ओर भविष्य पीढ़ी के लिए काफी लाभदयक है जिस प्रकार आजकल पेड़ो का कटान हो रहा है उसे लगता है कि आने वाले समय में हवा कि भी कमी हो जाएगी जितना है  जितना फायदा हमें पेड़ो से मिलता है तो हमें इनकी रक्षा करनी चाहिए ।

पेड़ो की रक्षा  करने का कर्तव्य सभी इंसान का है इस बात से किसी को कोई फ़र्क नहीं पड़ना चाहिए कि उत्तराखंड के कुछ लोग कुछ गांव वाले पेंडो की रक्षा कैसे भी कर रहे है मुद्दा ये है कि कम से कम वो लोग पेड़ो रक्षा कर रहे है चाहे धार्मिक कारण से ही पर रक्षा करते हो।




       




         


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